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रेलवे की एस.एम.एस. शिकायत सुविधा : मो. नं. 9717630982 पर करें एसएमएस

रेलवे की एस.एम.एस. शिकायत सुविधा   :  मो. नं. 9717630982 पर करें एसएमएस
रेलवे की एस.एम.एस. शिकायत सुविधा : मो. नं. 9717630982 पर करें एस.एम.एस. -- -- -- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ट्रेन में आने वाली दिक्कतों संबंधी यात्रियों की शिकायत के लिए रेलवे ने एसएमएस शिकायत सुविधा शुरू की थी। इसके जरिए कोई भी यात्री इस मोबाइल नंबर 9717630982 पर एसएमएस भेजकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। नंबर के साथ लगे सर्वर से शिकायत कंट्रोल के जरिए संबंधित डिवीजन के अधिकारी के पास पहुंच जाती है। जिस कारण चंद ही मिनटों पर शिकायत पर कार्रवाई भी शुरू हो जाती है।

अगस्त 28, 2010

आतंकवाद और राजनीति


'भगवा आतंकवाद' पर चिदम्बरम ने चेताया
केन्द्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम ने बुधवार को 'भगवा' सहित आतंकवाद के विभिन्न स्वरूपों के प्रति जहां देश को आगाह किया वहीं जम्मू एवं कश्मीर में जारी हिंसा के दौर पर यह खुलासा किया कि सुरक्षा बलों को वहां अधिक से अधिक संयम बरतने के निर्देश दिए गए हैं।राज्यों के पुलिस महानिदेशकों व पुलिस महानिरीक्षकों के तीन दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए चिदंबरम ने बुधवार को यह बातें कहीं। उन्होंने यह भी कहा कि नक्सलियों ने सरकार की वार्ता की पेशकश का विश्वसनीय जवाब नहीं दिया है। उन्होंने स्वीकार किया कि नक्सली हिंसा पर काबू पाने में वर्षो लगेंगे।इस 45वें सम्मेलन में चिदम्बरम ने कहा, "मैं आपको आगाह करना चाहता हूं कि देश के युवक और युवतियों में कट्टरवाद जगाने की कोशिश की जा रही है।"
उन्होंने कहा कि हाल ही में भगवा आतंकवाद की प्रवृत्ति देखने को मिली है। बम विस्फोटों की कई घटनाएं इसी ओर इशारा करती हैं। "मेरी सलाह है कि हमें सतर्क रहना होगा और राज्य एवं केन्द्रीय स्तर पर आतंकवाद से निपटने की क्षमता विकसित करते रहना होगा।"
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने चिदंबरम के इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार अपनी नाकामियों से जनता का ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है।भाजपा प्रवक्ता राजीव प्रताप रूड़ी ने कहा, "देश में इस समय काफी उथल-पुथल भरा दौर है। चिदम्बरम को उस ओर से देश का ध्यान बंटाने के लिए बहाने की जरूरत है।"
उन्होंने सरकार पर हिंदुओं को निशाना बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि आतंकवाद का कोई मजहब नहीं होता
जम्मू एवं कश्मीर में जारी हिंसा के दौर का जिक्र करते हुए चिदंबरम ने कहा, "हम इस बात से चिंतित हैं कि राज्य आज जिस कुचक्र में फंसा हुआ है, उससे हम उसे निकाल पाने में सफल नहीं रहे हैं। इसके बावजूद सुरक्षा बलों को वहां अधिक से अधिक संयम बरतने के निर्देश दिए गए हैं।"
उन्होंने कहा, "मुझे भय है कि जम्मू एवं कश्मीर अब पथराव, लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोलों और गोलीबारी से होने वाली मौतों और इसके जवाब में और पथराव की एक श्रृंखला से घिर गया है।"
"मुझे विश्वास है कि अगले कुछ दिनों में ऐसी स्थिति तक पहुंचने में सफल होंगे, जहां से हम प्रदर्शनकारियों तक पहुंच सकेंगे और उन्हें उनके अधिकारों और गरिमा के प्रति आश्वस्त कर शांति तथा कानून-व्यवस्था बहाल कर वार्ता की प्रक्रिया फिर शुरू करेंगे, जिससे एक हल निकलेगा।"
नक्सल समस्या पर अपनी चिंता जाहिर करते हुए उन्होंने स्वीकार किया कि नक्सलियों के साथ संघर्ष लंबा खिंच सकता है और इस संघर्ष को सुलझाने में धैर्य बहुत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा, "हमने राज्यों से नवम्बर 2009 में ही स्पष्ट कर दिया था कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) पर नियंत्रण करने और उनके हमलों को रोकने में वर्षो लगेंगे।" चिदम्बरम ने कहा, "मेरे विचार से भले ही हमारी आलोचना करने वाले न समझें लेकिन देश की जनता यह समझती है कि नक्सलियों से लंबा संघर्ष चलेगा और इसमें धर्य महत्वूपर्ण होगा।"चिदम्बरम ने पुलिस बलों के आधुनिकीकरण के लिए केन्द्रीय अनुदान राज्य सरकारों को देने की बजाए सीधे पुलिस प्रमुखों को देने का सुझाव भी दिया। उनके इस सुझाव को राज्य सरकारों द्वारा पसंद न किए जाने की संभावना है। उन्होंने कहा, "हमें पुलिस बलों का आधुनिकीकरण (एमपीएस) योजना के तहत अनुदान भेजने की एक प्रणाली तैयार करनी चाहिए।"
महज महीना भर पहले 54वीं राष्ट्रीय विकास परिषद की बैठक में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने राज्य की व्यवस्थापिकाओं को नजरदांज करते हुए विभिन्न एजेंसियों को सीधे अनुदान भेजने की केन्द्र सरकार की बढ़ती प्रवृत्ति के प्रति विरोध जाहिर किया था। चिदम्बरम ने पुलिस प्रमुखों से जानना चाहा, "क्या उनकी राज्य सरकार एमपीएफ में जरूरी 25 फीसदी योगदान दे रही है? " उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि आप लोगों को बताएंगे कि आपकी राज्य सरकार ने सही मायनों में पुलिस के लिए आवंटन बढ़ाया है या नहीं .

नितिन को चुभा चिंदबरम का 'भगवा आतंकवाद'

भोपाल: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने केन्द्रीय गृहमंत्री पी. चिदंबरम के उस बयान पर नाराजगी जताई गई है जिसमें चिंदबरम ने कहा है कि देश में कई धमाकों के पीछे "भगवा आतंकवाद" का हाथ है।
चिदंबरम के बयान से नाराज भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने गुरुवार को प्रेस कॉफ्रेंस में कहा कि  "भगवा आतंकवाद जैसा कोई शब्द नहीं होता।" नितिन ने कहा कि भगवा के ऊपर आतंकवाद के आरोप मढ़ना कांग्रेस की मानसिकता को दर्शाता है।
गडकरी ने कॉफ्रेंस में कहा की भगवा आंतकवाद की बात कहकर चिंदबरम बहुसंख्‍य लोगों के दिलों को ठेस पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि असली आतंककारियों से ध्यान हटाने के लिए यह कांग्रेस की चाल है। उल्लेखनीय है कि गृहमंत्री चिदंबरम ने बुधवार को पुलिस प्रमुखों की बैठक में कहा था कि भगवा आतंकवाद के रूप में एक नई चीज सामने आई है। उन्होंने कहा था कि देश में कई धमाकों के पीछे भगवा आतंकवाद का हाथ रहा है। उन्होंने कहा था कि भारत में युवकों और युवतियों को कट्टर बनाने के प्रयास बंद नहीं हुए हैं। हाल ही में हुए कई बम विस्फोटों से भगवा आतंकवाद का नया स्वरूप सामने आया है। हमें हमेशा सतर्कता बरतने के साथ साथ आतंकवाद से निपटने के मामले में केन्द्र एवं राज्यों के स्तर पर क्षमता विस्तार करने की जरूरत है।
‘भगवा आतंकवाद’ पर कांग्रेस की सफाई
 केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम द्वारा राज्यों के पुलिस प्रमुखों के सम्मेलन में ‘भगवा आतंकवाद’ पर की गई टिप्पणी को लेकर शुक्रवार को हंगामा मचा रहा। जहां इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शिवसेना के हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी, वहीं दूसरी ओर हिंदू संगठनों ने इंदौर में विरोध प्रदर्शन किया और चिदंबरम का पुतला फूंका। इस बीच कांग्रेस ने कहा कि मुद्दा रंग का नहीं आतंकवाद का है।
कांग्रेस महासचिव जर्नादन द्विवेदी ने संवाददाताओं से कहा, ‘सैफ्रॉन, भगवा या केसरिया कोई मुद्दा नहीं है। मुद्दा आतंकवाद है। आतंकवाद का कोई रंग नहीं होता। इसका एक मात्र रंग काला ही होता है।’
कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रभारी द्विवेदी ने कहा कि चाहे इसे भगवा, हरा, सफेद या लाल कहें, आतंकवाद तो आतंकवाद है।
उन्होंने कहा, ‘आतंकवाद तो आतंकवाद है और वह जिस भी रूप में सामने आए, इसका विरोध किया जाना चाहिए। भगवा रंग हमारी प्राचीन परंपरा का हिस्सा रहा है और यह हमारे आजादी के आंदोलन से जुड़ा रहा है। समाज के किसी खास वर्ग का इस पर अकेले अधिकार नहीं है।

हिन्दू आतंकवाद का भूत दिखा रही है कांग्रेस : संघ 

 राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) का मानना है कि महंगाई, आतंकवाद, नक्सलवाद और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार की कथित जन विरोधी नीतियां कहीं 'युवराज' राहुल गांधी की ताजपोशी में बाधा न पैदा कर दें, इसलिए कांग्रेस 'हिन्दू आतंकवाद' का भूत खड़ा कर रही है।
आरएसएस के मुखपत्र 'पांचजन्य' के ताजा अंक के संपादकीय में कहा गया है, "संघ को बदनाम करने के लिए कांग्रेस की ओर से एक सुनियोजित साजिश के तहत हिन्दू आतंकवाद का भूत खड़ा किया जा रहा है।"
इसमें कहा गया है कि 'हिन्दू आतंकवाद' जैसे छद्म शब्द गढ़कर संघ को उससे जोड़ना कांग्रेस की ओछी राजनीति के अलावा कुछ और नहीं है। किसी इक्का-दुक्का हिन्दू मंच के आक्रोश को 'हिन्दू आतंकवाद' का नाम देना राजनीति ही कही जा सकती है।
संपादकीय में कहा गया है, "कांग्रेस चुनावी लाभ के लिए कोई अवसर नहीं छोड़ना चाहती है, चाहे राहुल गांधी का वर्ष 2012 का उत्तर प्रदेश अभियान हो या फिर वर्ष 2014 का लोकसभा चुनाव। महंगाई, आतंकवाद, नक्सलवाद और भ्रष्टाचार पर सरकार की जन विरोधी नीतियों का दंश राहुल गांधी की ताजपोशी के लिए खतरा न बन जाए इसके लिए कांग्रेस मुस्लिम वोट पर एकाधिकार चाहती है। उसकी इसी चाह से 'हिन्दू आतंकवाद' का भूत निकला है।"
संघ ने कहा है कि मालेगांव विस्फोट में साध्वी प्रज्ञा की गिरफ्तारी का मामला हो या फिर अजमेर दरगाह विस्फोट कांड में आरोपी बनाए गए देवेंद्र गुप्ता का, जांच एजेंसियां कोई ठोस आधार स्थापित नहीं कर पाई हैं। पूछताछ के नाम पर उनकी पहचान को मीडिया के माध्यम से सुनियोजित तरीके से दुष्प्रचारित कर संघ को बदनाम करने की कोशिश की गई।
गौरतलब है कि हाल ही में एक समाचार चैनल पर संघ के एक पदाधिकारी को कथित तौर पर 'हिन्दू आतंकवाद' से जुड़ी गतिविधियों में शामिल होने से संबंधित रिपोर्ट प्रसारित की गई थी। इस रिपोर्ट के प्रसारित होने के बाद संघ के कार्यकर्ताओं ने समाचार चैनल के दफ्तर पर हमला भी किया था।

3 टिप्‍पणियां:

  1. भगवा आतंक नही बल्कि त्याग व बलिदान का प्रतीक है ;राष्ट्रीय प्रतिबद्धता को कभी मनु-वाद तो कभी भगवा-वाद नाम दिया गया .यह बहुसंख्यको की भावना के साथ खिलवाड़ है .

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  2. Humne 2 se 116 tak BJP saansadon ka graph kaise badha ye dekha hai. Rs. 100/- Crores se jyada maal jama kiya RSS ne RAM MANDIR ke naam par aur ye paisa satta pane me kharch kar diya.

    Asal me muslim league aur RSS dono angrejon ki kripa patra rahi hai. Congress ek aandolan tha aur BRITISH HUKUMAT uski takat se darti thi. Congress ko kamjor karne unhone in dono ko madad ki.

    RSS & Co. to ab expose ho gayi hai par phir bhi Allahabad High Court ke bhavi nirnay ko le kar kutch aise karna chahati hai jisse DUKANDARI phir jam jaye.

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आपकी मूल्यवान टिप्पणी के लिए कोटिशः धन्यवाद ।

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