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रेलवे की एस.एम.एस. शिकायत सुविधा : मो. नं. 9717630982 पर करें एसएमएस

रेलवे की एस.एम.एस. शिकायत सुविधा   :  मो. नं. 9717630982 पर करें एसएमएस
रेलवे की एस.एम.एस. शिकायत सुविधा : मो. नं. 9717630982 पर करें एस.एम.एस. -- -- -- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ट्रेन में आने वाली दिक्कतों संबंधी यात्रियों की शिकायत के लिए रेलवे ने एसएमएस शिकायत सुविधा शुरू की थी। इसके जरिए कोई भी यात्री इस मोबाइल नंबर 9717630982 पर एसएमएस भेजकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। नंबर के साथ लगे सर्वर से शिकायत कंट्रोल के जरिए संबंधित डिवीजन के अधिकारी के पास पहुंच जाती है। जिस कारण चंद ही मिनटों पर शिकायत पर कार्रवाई भी शुरू हो जाती है।

दिसंबर 19, 2010

बहादुर बिटिया

बहादुर शीतल


कहानी नहीं बल्कि सच्ची घटना है यह रायपुर की , जहाँ बड़े बड़े मारे डर के काँप उठते हैं वहीं एक दस वर्षीय बच्ची शीतल की हिम्मत ने न केवल अपनी माँ को लुटने से बचाया बल्कि लुटेरों को भी पुलिस के हवाले करा दिया ।
शीतल की माँ रंजीता शनिवार 18दिसम्बर की दोपहर  स्कूटर से शैलेन्द्र नगर से टाटीबंध जा रही थी । अपनी दोनो बेटियों शीतल (10 वर्ष) , जया (07 वर्ष) भी माँ के साथ ही स्कूटर पर सवार थे , टाटीबंध पहुंचने से पहले ही बाईक सवार दो लड़कों ने रंजीता के स्कूटर के समीप अपनी बाईक सटा कर रंजीत के गले से सोने की चैन खींच ली , इसी बीच गुस्साई शीतल ने लुटेरे युवक की शर्ट का कॉलर पकड़ लिया , बैलेंस बिगड़ा और दोनो ही वाहनों पर सवार चार के चारों सड़क पर गिर गये , आसपास के लोगों ने इस वाकये को देखा उन्हें माजरा क्या है यह समझने में देर न लगी और लोगों ने लपक कर उन दोनों लुटेरों को पकड़ लिया , माँ बेटी भी उठ खड़ी हुईं । अब क्या था लोगों ने दोनों लुटेरों की जम कर धुनाई की और पुलिस के हवाले कर दिया ।
चित्र : साभार पत्रिका रायपुर
रायपुर में चैन खींचने की ऐसी घटनाएं आम हो चली हैं । हर महीनें पन्द्रह - बीस घटनाओं की पुलिस में रिपोर्ट दर्ज भी होती है , अनेक लोग पुलिस थाना जाना - रिपोर्ट लिखाना , फ़िर थाना -कचहरी के चक्कर काटने के झंझट से बचना चाहते हैं जो रिपोर्ट ही नहीं लिखाते हैं , ऐसों की संख्या भी कम नहीं है । लेकिन "शीतल"जैसे कम ही हैं जिनका आक्रोश बचाता है अपनों को रोकता है अपराध को । शीतल राजधानी रायपुर के नामी स्कूल होलीक्रॉस में कक्षा चौथी की छात्रा है । अब प्रेरणा भी बहुतों की , कि यार हिम्मत दिखाओ - सही वजह के गुस्सा दिखाओ । गलत करने वालों को रोकने का साहस कर दिखाओ तो सही । शाबाश शीतल तुम गर्म जोश भी , बधाई बच्चे , हम सब को तुम्हारी हिम्मत - सूझबूझ पर गर्व है बच्चे ।

21 टिप्‍पणियां:

  1. .

    आपने सही कहा , आक्रोश भी जरूरी है अपराध को करने के लिए। अक्सर लोग - " Let go " attitude के कारण आस पास हो रही घटनाओं को तवज्जो नहीं देते। और अपराध का सिलसिला जारी रहता है।

    शीतल का आक्रोश और हिम्मत सराहनीय है।

    .

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  2. ... sheetal ko bahut bahut badhaai va ujjaval bhavishy ke liye shubhakaamanaayen !!!

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  3. नन्ही बिटिया शीतल को बधाई और आशीर्वाद. ब्लॉग पर उसके साहसिक कदम पर प्रकाश डाल कर सम्पूर्ण ब्लॉग जगत से उसका परिचय कराने के लिए आपका आभार . सुंदर प्रस्तुतिकरण .

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  4. शीतल बिटिया से हमें भी प्रेरणा लेनी चाहिए...
    आपका आभार आपने इस बात से हमें अवगत कराया...

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  5. शीतल जैसा जज्बा हर किसी को रखना चाहिए .... आभार

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  6. Keep it up bacche,we are proud of you.If i would have a daughter any time ,i will love to have her like you"sheetal"still brave

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  7. कहां है आप लोग,शिल्पा जी/नेता जी और अन्य लोग जो राजनैतिक मुद्दों पर त्वरित टिप्पणी करते है।बात बात में गांधि ,नेहरु,बाजपेई और ना जाने किस किस को याद करते हुए ना जाने क्या क्या कहते है,अरे भाई वो गुज़रे हुए लोग है ये बच्ची हमारा भविष्य है,कुछ सराहना भरे शब्दों की आप बडों से भी उम्मिद है

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  8. शाबाश शीतल बेटी.
    काश सब बेटियां इतनी बहादुर हों.

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  9. आशुतोष जी,
    शीतल जैसे बच्चों की सच्ची कहानी लोगों तक पहुंचाकर आप पूरे समाज के लिए एक अनुकरणीय कार्य कर रहे हैं !
    बहुत ही प्रेरणादायक पोस्ट !

    ज्ञानचंद मर्मज्ञ

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  10. शुभकामनायें शीतल को!
    प्रेरक पोस्ट!

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  11. शीतल की बहादुरी पर हमें गर्व है।
    शीतल के आक्रोश रूपी आग से अन्य बच्चियां भी प्रेरणा ग्रहण करें, यही कामना करते हैं।

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  12. शीतल जैसे बच्चियों में हिम्मत हो ये शिक्षा घर और स्कूल दोनों में ही मिलनी चाहिए. अगर समाज में धृष्ट और भ्रष्ट लोगों में बढ़ोत्तरी हो रही है तो साहस भी उसके बराबर के तराजू में बढ़ाने का प्रयास जरूरी है.
    शीतल बेटा शाबाश !

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  13. शीतल को सलाम! यही जज्बा और हिम्मत हर नागरिक में हो तो गुंडागर्दी पनाह मांगने लगे।

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  14. शीतल ने बहादुरी का काम किया..अच्छा लगा

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  15. शीतल जैसी साहसी बच्चियों पर हमें नाज़ है। शाबास।

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  16. मै इसकी हिम्मत की दाद देती हु अगर सब मै इसकी जेसी हिम्मत आ जाये तो जल्दी ही हमारे देश से लुट - पाट का अंत हो जायेगा और इन मासूमो को इस तरह से जूझना नहीं पड़ेगा !
    बहुत अच्छी पोस्ट बधाई दोस्त !

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  17. शीतल को ढेर सारी बधाई और आपने ब्लॉग पर चर्चा करके बहुत अच्छा किया...उसे दुआएं और प्रशंसा मिलनी ही चाहिए..साथ ही बहुत लोगों
    को प्रेरणा मिलेगी

    http://veenakesur.blogspot.com/

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आपकी मूल्यवान टिप्पणी के लिए कोटिशः धन्यवाद ।

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